पब्लिक सेल्फ केयर टीम (PSCT) की नियमावलियां
सेवा परमो धर्म:
पब्लिक सेल्फ केयर टीम (PSCT) का संचालन, पब्लिक सेल्फ केयर समिति, पंजीकरण संख्या ALL/03936/2024-2025 करती है।
सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश से कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है, जिसकी उम्र रजिस्ट्रेशन की तिथि को 20 से 55 वर्ष के बीच में हो।
सदस्यों हेतु मुख्य नियम - [1] आकस्मिक मृत्यु होने पर
- व्यक्ति उत्तर प्रदेश का निवासी हो।
- रजिस्ट्रेशन की तिथि को व्यक्ति की आयु 20 से 55 वर्ष के बीच में होना चाहिए। आयु का निर्धारण तीनों योजनाओं पर लागू है।
(भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार आयु को कम ज्यादा किया जा सकता है ) - PSCT से जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है। साथ ही साथ हमारी वेबसाइट और अधिकारिक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ना अनिवार्य है। जिस पर समय – समय पर सहयोग या नियम या अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियां दी जाती रहेंगी। आप को समस्त सूचनाओं से अपडेट रहने के लिए सप्ताह में कम से कम दो बार हमारी वेबसाइट, टेलीग्राम ग्रुप, फेसबुक या व्हाट्सऐप ग्रुप की सूचनाएं देखने पड़ेंगी। आप को ग्रुप में अपडेट रहने की बाध्यता रखी गयी है।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है ) - कोई भी सदस्य वेबसाइट, टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप ग्रुपों को नियमतः नहीं देखता है और समिति / टीम से सम्बंधित सूचनाएं आदि नहीं प्राप्त कर पाता है तो सम्बंधित सदस्य स्वयं जिम्मेदार होगा। फिर भी कोशिश की जायेगी कि कार्यकारिणी सदस्यों के माध्यम से आप तक सूचनाएं पहुंचाई जाएं।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है) - पब्लिक सेल्फ केयर टीम का पहले दिन से ही यह नियम है कि जो सहयोग करेगा उसी को सहयोग मिलेगा।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है ) - पब्लिक सेल्फ केयर टीम द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 9044540057 सदस्यों की सुविधा के लिए जारी किया गया है। जिस पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दी जायेगी। कोई भी सदस्य इस नम्बर पर संपर्क करके जानकारी प्राप्त कर सकता है।
(यह नियम व्यवस्था शुल्क के समय से प्रभावी है ) - आप लोगों को बहुत आवश्यक सूचनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए, बल्क टेक्स्ट मैसेज की सुविधा के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है।
(यह नियम व्यवस्था शुल्क के समय से प्रभावी है, ट्राई से अनुमति मिलते ही आ जायेगा ) - सभी सदस्यों के लिए (आकस्मिक मृत्यु) का लॉकिंग पीरियड 90 दिन रखा गया है। लॉकिंग पीरियड की गणना रजिस्ट्रेशन की तिथि से की जायेगी।
(लॉकिंग पीरियड का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है ) - प्रत्येक सदस्य को अपनी आयु के 60 वर्ष तक प्रत्येक सहयोग को करना अनिवार्य है। आयु की गणना सदस्य के जन्म तिथि से की जायेगी।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है। परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में आयु को कम / ज्यादा किया जा सकता है) - यदि 60 वर्ष की आयु से पहले किसी वैधानिक सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी के खाते में आकस्मिक मृत्यु सहयोग योजना में सहयोग कराया जायेगा।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है। भविष्य में आयु को समय व परिस्थितियों को देखते हुए कम / ज्यादा किया जा सकता है) - सभी लोग रजिस्ट्रेशन कराते समय अपनी जन्म तिथि वैधानिक कागजात जैसे – शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट व् अन्य में अंकित जन्म तिथि के अनुसार ही सही – सही भरें। गलत जन्म तिथि भरने से पर आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। आवश्यकता पड़ने पर ही आप से या आप के परिवार से व्यक्तिगत रूप से कोर टीम मिलकर साक्ष्य मांग सकती है।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है) - रजिस्ट्रेशन कराने के 90 दिनों के बाद यदि किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो सभी सदस्यों को मिलकर उस व्यक्ति के नॉमिनी के खाते में 200 या 100 या 80 या 50 या 20 रुपया आदि जो कि कोर टीम निर्णय लेकर बताएगी कि कितने रूपये का सहयोग करना है, उतने रूपये का सहयोग प्रत्येक सदस्य को करना होगा। प्रत्येक सहयोग को करना अनिवार्य होगा। सहयोग करने के बाद सहयोग रसीद या स्क्रीनशॉट, पेमेंट का ट्रांजैक्शन नम्बर, धनराशि, दिनांक सहित सभी डिटेल्स को भरकर रसीद अपलोड करना अनिवार्य है।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - यदि कोई भी सदस्य रजिस्ट्रेशन करा कर छोड़ देता है और सहयोग नहीं करता है तो वह सहयोग पाने का पात्र नहीं होगा। सहयोग करने पर ही सहयोग मिलेगा।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - लॉकिंग पीरियड के बाद जितने भी वैधानिक सदस्यों की मृत्यु होगी सभी में सभी सदसस्यों को सहयोग करना अनिवार्य है। यदि कोई भी सदस्य एक भी सहयोग को छोड़ता है तो जिस सहयोग को छोड़ेगा, सहयोग करने की अंतिम तिथि से तीन महीने के लिए अवैधानिक हो जायेगा। फिर से उसे वैधानिक सदस्यता पाने के लिए पांच सहयोग अलर्टों में लगातार सहयोग करने होंगे। उसके बाद सदस्य पुनः वैधानिक सदस्य हो जायेगा। एक सदस्य को 60 वर्ष की आयु भर में केवल इस तरह का पांच मौका ही दिया जायेगा।
- किसी भी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर टीम से जुड़े हुए सभी सदस्यों से सहयोग करवाती है। सहयोग की राशि सदस्यों की संख्या व सदस्यों द्वारा दिए गए सहयोग पर निर्भर है। प्रत्येक बार सहयोग प्राप्त करने की धनराशि कम या ज्यादा हो सकती है। इसमें किसी भी प्रकार की दावा या वाद पस्तुत नहीं किया जा सकता है।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है। ) - गंभीर बीमारी की स्थिति में:- गंभीर बीमारी की स्थिति में लॉकिंग पीरियड 2 वर्ष रखा गया है। यदि व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसका जिक्र रजिस्ट्रेशन कराते समय बीमारी वाले कॉलम में अवश्य करें।
16. (a) गंभीर बीमारी के मामले में कोर टीम अपेक्षा करती है कि सभी सदस्य अपनी बीमारी अपनी प्रोफाइल में रजिस्ट्रेशन करते समय अवश्य दर्शायें। अगर किसी कारण से अपडेट नहीं है तो इसका निर्धारण मृत्यु के कारण के आधार पर किया जायेगा। यदि मृत्यु का कारण बीमारी है तो उसे बीमारी में शामिल किया जायेगा। भले ही सदस्य ने अपनी प्रोफाइल में प्रदर्शित न किया हो। साथ ही साथ जुड़ते समय बीमारी की जानकारी थी या नहीं या टीम का विषय नहीं होगा। ऐसे मामलों में मृत्यु के कारण के आधार पर निर्णय लिया जायेगा।
जैसे:- अगर किसी व्यक्ति को ब्लड कैंसर है और वह PSCT से जुड़ता है तो उसके लिए लॉकिंग पीरियड 2 वर्ष का होगा। माना कि जुड़ने के 3 माह बाद उसकी मृत्यु होती है तो वह अवैधानिक सदस्य होगा। यदि उसकी मृत्यु, मार्ग दुर्घटना में हुई तो उसे वैधानिक माना जायेगा क्योंकि उसकी मृत्यु बीमारी से न होकर मार्ग दुर्घटना से हुई है।
16. (b) गंभीर रूप से पीड़ित सदस्य की मृत्यु होने पर अगर मृत्यु का कारण कुछ और दिखाया जाता है तो उसे पुख्ता प्रमाण देने होंगे। अगर टीम उस प्रमाण से संतुष्ट होगी तो माना जायेगा अन्यथा बीमारी ही माना जायेगा।
जैसे:- यदि किसी की किडनी खराब है और इसका इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति में अगर कोई इलाज के दौरान हार्टअटैक का दावा करता है उसे गंभीर बीमारी का ही मामला माना जायेगा। यहाँ पर मृत्यु के अलग अलग कारण से मतलब है बीमारी के इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना आदि से है जैसे:- सड़क दुर्घटना, नदी में डूबना, छत से गिर जाना आदि।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - समिति को यह अधिकार होगा कि वह समय समय पर सदस्यों तथा परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए लॉकिंग पीरियड तथा आयु की गणना में परिवर्तन कर सकती है
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है। ) - पब्लिक सेल्फ केयर टीम सहयोग के आह्वान हेतु अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करके निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। वैधानिक्ता या किसी अन्य चीजों के मामलों में जहां उचित समझेगी अपने स्तर से परीक्षण करने को स्वतंत्र होगी। कोई भी सदस्य या नॉमिनी सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा या अधिकार नहीं कर सकेगा। टीम नैतिक रूप से सहयोग करवाने का प्रयास करेगी।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - एक से अधिक नॉमिनी होने की दशा में दूसरे नॉमिनी को सहयोग सुनिश्चित कराने के लिए कोर टीम स्वविवेक एवं स्व हस्ताक्षेप करने को स्वतंत्र होगी। जिस पर लाभार्थी द्वारा किसी भी प्रकार का कानूनी दावा करने का अधिकार नहीं होगा।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - किसी भी सदस्य के द्वारा कम से कम 10 सहयोग अलर्टों पर लगातार सहयोग किया जाता है तथा बीच में यदि किसी कारण एक (1) सहयोग छूट जाता है तो उसकी सदस्यता न ही लंबित होगी और न ही उसे सहयोग पाने से इंकार किया जायेगा। बशर्ते सहयोग न कर पाने का सही व संतोषजनक कारण हो। 10 बार, 20 बार, 50 बार, सहयोग करने पर 90% से 80% तक विचार किया जा सकेगा। 10 से कम सहयोग पर पहले का नियम माना जायेगा।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है)जैसे:- यदि किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है जो कि समिति से लम्बे समय से जुड़ा था किन्तु कुछ सहयोग न कर पाने के काऱण अवैधानिक हो रहा है तो उस समय देखा जायेगा कि मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का अगर 90% तक सहयोग किया है तो उसे 90% सहयोग के दायरे में वैधानिक मानते हए सहयोग कराया जायगा।
- किसी व्यक्ति के सदस्य बनने के बाद तथा 10 सहयोग पूरे करने के बाद अपरिहार्य स्थिति में 01 सहयोग न कर पाने की स्थिति में 01 छूट दी जायेगी। यह छूट सदस्य के 60 वर्ष की आयु तक पांच बार देय होगी।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - यदि कोई सदस्य पूर्व में सहयोग कर रहा था और टीम का वैधानिक सदस्य था परन्तु चल रहे सहयोग के दौरान, गतिमान सहयोग तिथि से पूर्व उसकी मृत्यु हो जाती है तो वह लाभ का पात्र रहेगा। किन्तु गतिमान सहयोग के बाद मृत्यु होती है तो गतिमान सहयोग की छूट का लाभ नहीं दिया जायेगा।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - सुसाइड या किसी अन्य विवादित कारण से मृत्यु होने पर सहयोग नहीं कराया जायेगा। अन्य केस जो संज्ञान लेने लायक होगा, में कोर टीम स्थलीय निरिक्षण करायेगी। जरुरत पड़ने पर सम्बंधित जिला के कार्यकारिणी से वोटिंग करायेगी। सर्व सम्मति से जो निर्णय लिया जायेगा उसे स्वीकार करना होगा। किसी भी प्रकार का कानूनी दावा नहीं किया जा सकता है।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - एक से ज्यादा वैधानिक सदस्यों की मृत्यु होने पर उसकी मृत्यु की तिथि के क्रम में सहयोग कराया जायेगा। मृत्यु तिथि एक होने पर उनके द्वारा किये गये सहयोगों के क्रम में सहयोग कराया जायेगा। उपरोक्त प्रकरणों में किसी विशेष परिस्थिति जैसे स्थलीय निरिक्षण न हो पाना, कुछ तकनीकी कमी आदि मामलों में कोर टीम सहयोग के क्रम का निर्णय अपने विवेकानुसार ले सकेगी।
- किसी भी सदस्य द्वारा अनुशासन हीनता, PSCT विरोधी गतिविधियां या किसी भी प्रकार की साजिश करने वालों के विरुद्ध कोर टीम के पास निर्णय लेने का अधिकार होगा। कोई भी सदस्य पब्लिक सेल्फ केयर टीम के खिलाफ बिना सबूत या आंकड़े प्रस्तुत किये बिना, दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है तो टीम उसके विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र होगी।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - समय तथा आने वाली परिस्थितियों को देखते हुए जनहित में PSCT नियमों में परिवर्तन / संशोधन करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है। यह अधिकार समिति के कोर टीम के पास होगा।
(यह नियम स्थापना के समय से प्रभावी है। ) - PSCT सहयोग सीधे दिवंगत परिवारों नॉमिनी के खातों में करवाती है। इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - सहयोग करने के बाद जारी वेबसाइट पर रसीद को अपलोड करना अनिवार्य है। फर्जी या कूटचरित रसीदें अपलोड करने पर आप की सदस्यता समाप्त कार दी जायेगी। दिए गए समय के अंदर ही सहयोग फॉर्म में ट्रांज़ैक्शन नम्बर, धनराशि, दिनांक भरकर रसीद को अवश्य अपलोड करें। सहयोग करके सहयोग विवरण न भर पाने की स्थिति में आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। इससे आप की वैधानिकता प्रमाणित होती है।
- पब्लिक सेल्फ केयर टीम किसी भी व्यक्ति को जबरन या दबाव देकर सदस्य नहीं बनाती है। लोग स्वेच्छा से नियमावली से पूर्ण रूप से सहमत होने के बाद ही सदस्य बनते हैं।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - सहयोग के दौरान यदि गलती से ज्यादा धनराशि ट्रांसफर हो जाती है। तो जिस नॉमिनी के खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई है तो वह धनराशि नॉमिनी को सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। इस हेतु कोर टीम गारण्टी नहीं लेगी। धनराशि वापस कराने हेतु पूर्ण प्रयास करेगी।
- आने वाले समय में यदि सदस्यों की संख्या अत्यधिक जो जाती है तो कोर टीम को यह अधिकार होगा कि वह जिला वार या पूलवार लोगों को सहयोग करने के लिए विभाजित कर सकती है।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है) - किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार कोर टीम के पास सुरक्षित होगा। कोर टीम का निर्णय ही सर्वमान्य होगा। सदस्यता या उसके परिवार को किसी भी प्रकार का कानूनी दावा प्रस्तुत करने की अधिकार नहीं होगा। नियम व अनुशासन सर्वोपरि है।
(यह नियम स्थापना के समय से लागू है)
मुख्य नियम - [2] कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना हेतु
1- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का सहयोग प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को पब्लिक सेल्फ केयर टीम में रजिस्ट्रेशन करते समय इस विकल्प को चुनना होगा।
2- इस योजना के अंतर्गत बेटी की उम्र 10 से 30 वर्ष के बीच में होना चाहिए।
3- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का लॉकिंग पीरियड निम्नलिखित हैं। लॉकिंग पीरियड की गणना बेटी के माता या पिता के रजिस्ट्रेशन की तिथि से की जाएगी।-
- (A) दिनांक 08-10-2024 से 31-05-2025 तक – समाप्त किया जाता है।
- (B) दिनांक 01-06-2025 से 31-12-2025 तक – 12 माह
- (C) दिनांक 01-01-2026 से 31-12-2026 तक – 03 वर्ष
- (D) दिनांक 01-01-2027 से — 05 वर्ष
4- इसी योजना में सहयोग एक रजिस्ट्रेशन पर केवल एक बेटी के विवाह के लिए ही मान्य होगा।
5- इस योजना का सहयोग प्राप्त करने के लिए पिता या मां के साथ – साथ बेटी का भी रजिस्ट्रेशन PSCT में होना अनिवार्य है।
6- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना में जिस भी सदस्यों के बेटी के विवाह पर सहयोग 1 वर्ष के अंदर कराया जाएगा तथा लॉकिंग पीरियड पूर्ण रहेगा उन्हें सहयोग प्राप्त करने के लिए सहयोग से पहले कम से कम 25 नए लोगों को PSCT का सदस्य बनवाना होगा ।
7- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना पूर्ण रूप से एक दूसरे के सहयोग पर निर्भर है। इसमें सहयोग की राशि काम या ज्यादा हो सकती
है।
8- इस योजना में 5 लाख रुपए तक का सहयोग प्राप्त करने वाले सदस्य को 10 वर्ष तक सहयोग करना होगा या प्राप्त धनराशि के बराबर सहयोग करना होगा। 5 लाख से ज्यादा का सहयोग प्राप्त करने वाले सदस्यों को 20 वर्ष तक सहयोग करना होगा या प्राप्त धनराशि के बराबर सहयोग करना होगा। समय या धनराशि में जो पहले पूर्ण होगा वही मान लिया जाएगा।
9- सहयोग प्रति विवाह पर कितने रुपए करना है इसका निर्णय कोर कमेटी लेकर आपको विवाह से पूर्व अवगत कराएगी।
सदस्यों की संख्या 1 लाख हो जाने पर मात्र ₹11 सहयोग करने होंगे।
10- इस योजना का विकल्प चुनते समय बेटी का नाम, जन्मतिथि, माता या पिता का नाम वैधानिक प्रमाण पत्र के अनुसार ही भरे।
11- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना केवल अविवाहित बालिकाओं के लिए ही मान्य है।
12- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का सहयोग प्राप्त करने के लिए आकस्मिक मृत्यु पर सहयोग योजना एवं गंभीर बीमारी पर सहयोग योजना में भी सहयोग करना अनिवार्य है।
13- प्रत्येक परिवार के लिए किसी भी जाति धर्म में उसके रीति रिवाज के अनुसार विवाह करने के लिए अनुबंध नहीं है।
14- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना एक तरह से सहयोगात्मक दान है। इसमें किसी भी प्रकार का किसी भी सदस्य द्वारा कानूनी दावा या अधिकार प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
15- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना के अंतर्गत अधिकतम 11 लाख रुपए सहयोग करवाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य सदस्य की संख्या और सहयोग के ऊपर निर्भर करेगा। इसमें किसी भी प्रकार का कानूनी दावा प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
16- इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विवाह पर भौतिक सत्यापन कोर कमेटी के द्वारा कराया जाएगा।
17- किसी भी संदिग्ध बात या विवाद की स्थिति में कोई टीम स्थल निरीक्षण करके निर्णय लेने को स्वतंत्र होगी जिस पर किसी भी प्रकार का दवा या बाद प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
18- ऐसे माता-पिता जिन्होंने यह योजना अपनी बेटी के लिए लिया है यदि उसे बेटी की मृत्यु हो जाती है तो यह सहयोग यदि सदस्य की दूसरी बेटी है तो उसके विवाह में सहयोग कराया जाएगा पुत्रियां ना होने पर सहयोग नहीं कराया जा सकता।
19- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना के अंतर्गत केवल सगी बेटी के लिए यह सहयोग कराया जाएगा।
20- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना गोद ली गई बेटी या किसी दूसरे की बेटी के लिए देय नहीं है।
21- यदि किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तथा सदस्य आकस्मिक मृत्यु पर सहयोग योजना में वैधानिकसदस्य है तो उसे पहले आकस्मिक मृत्यु पर सहयोग योजना में सहयोग कराया जाएगा। यदि मृतक सदस्य की नॉमिनी कन्या सुमंगल विवाह योजना में सहयोग चाहता है तो उसे भी नियमावली के अनुसार 10 या 20 वर्षों तक सहयोग करना अनिवार्य रहेगा।
22- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना के अंतर्गत सहयोग सीधा बेटी के पिता या माता के खाते में कराया जाएगा। यदि पिता का रजिस्ट्रेशन रहेगा तो पिता के खाते में कराया जाएगा, यदि मां का रजिस्ट्रेशन रहेगा तो मां के खाते में कराया जाएगा।
23- किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर कोर टीम अपने समिति के खाते में सहयोग प्राप्त करके, प्राप्त संपूर्ण धनराशि बेटी की माता या पिता को चेक के माध्यम से भी प्राप्त करा सकती है।
24- समस्त विवाहों पर सहयोग ऑनलाइन ही कराया जाएगा।
समस्त प्रकार के सहयोग अलर्ट की सूचना प्राप्त करने की जिम्मेदारी सदस्य की होगी अतः आप सभी लोग टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप चैनल, व्हाट्सएप ग्रुप या वेबसाइट को सप्ताह में कम से कम दो बार अवश्य देखते रहें।
25- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का विकल्प चुनने वाले सभी सदस्यों को सहयोग करना अनिवार्य है।
26- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का शुभारंभ 1 जून 2025 से किया जा रहा है जिन सदस्यों ने अभी तक यदि किसी कारणवश अपने बेटी का नाम अपनी आईडी में नहीं जोड़ा है वह सभी लोग 25 मई तक अवश्य जोड़ लें। यदि कोई भी सदस्य बेटी का नाम बाद में जोड़ता है तब भी इसकी गणना उसके रजिस्ट्रेशन की तिथि से की जाएगी।
27- जिन सदस्यों ने कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना का विकल्प चुना है उन्हें प्रत्येक विवाह पर सहयोग करना अनिवार्य है। सहयोग करने पर ही आपको आपकी बेटी के विवाह पर सहयोग मिलेगा।
28- इस योजना के अंतर्गत वह सदस्य सहयोग हेतु पत्र होगा जिसने 95% सहयोग अवश्य किया हुआ हो।
29- यदि विवाह में सहयोग प्राप्त करने के लिए ज्यादा लोगों के डिमांड एक साथ आएगी तो कोर कमेटी कई लोगों का खाता नंबर जारी कर सकती है तथा सभी शादियों में सहयोग करना अनिवार्य है।
30- कन्या सुमंगल विवाह योजना में जो सहयोग राशि सदस्य को प्राप्त होगी वह निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगी l
A- सहयोग से प्राप्त कुल राशि का 20% धनराशि निर्धारित समय अवधि के लिए जमा करवा ली जाएगी। यह धनराशि सहयोग समाप्त होने के तीन दिन के अंदर संबंधित सदस्य द्वारा जमा करना होगा और सदस्य को PSCT से इसकी रिसीविंग प्राप्त करनी होगी।
B – सदस्य को जिस खाते में सहयोग कराया जाएगा उसी खाते का दो चेक सिग्नेचर किया हुआ ब्लैंक जमा कराया जाएगा।
C – एक ₹100 का नोटरी शपथ पत्र सदस्य द्वारा लिया जाएगा- इस शपथ पत्र में इस बात की घोषणा होगी की जो समय अवधि सदस्य को सहयोग करने के लिए निश्चित होगी उतने समय तक सदस्य सभी विवाहों में सहयोग करता रहेगा या प्राप्त कुल सहयोग धनराशि के बराबर सहयोग करता रहेगा। जब निर्धारित समय अवधि या प्राप्त कुल सहयोग राशि के बराबर पूर्ण हो जाएगी तब सदस्य द्वारा जमा 20 प्रतिशत धनराशि तथा उसका चेक तथा शपथ पत्र उसे सदस्य को वापस कर दिया जाएगा। सदस्य के न रहने पर उसके वारिस को वापस किया जाएगा।
D- यदि सदस्य सहयोग करना छोड़ता है तो – –
जो 20% की धनराशि जमा रहेगी। उसी से कोर कमेटी अन्य सदियों में सहयोग कर देगी।
80% धनराशि के लिए चेक तथा शपथ पत्र जो सदस्य ने जमा किया रहेगा। सदस्य के एक वर्ष से अधिक समय तक सहयोग छोड़ने पर उसी से सदस्य के चल/अचल संपत्ति से रिकवरी कराने का अधिकार कोर कमेटी कानूनी तौर पर करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है।
E – सदस्य इस बात की घोषणा करेगा कि वह निर्धारित समय अवधि या प्राप्त कुल सहयोग धनराशि के बराबर सहयोग करता रहेगा। ऐसा न करने पर कोर कमेटी को यह पूर्ण अधिकार होगा कि वह सदस्य से कुल सहयोग धनराशि को रिकवरी कराने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है।
31- सभी सदस्यों की खुद की नैतिक जिम्मेदारी होगी कि वह अपने बेटी की विवाह की तिथि से कम से कम दो महीना पहले एक एप्लीकेशन के माध्यम से कोर कमेटी को जरूर सूचित करेंगे। विलंब से सूचना देने पर सहयोग करना संभव नहीं हो पाएगा। जिसकी जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
32- कन्या सुमंगल विवाह सहयोग योजना के अंतर्गत विवाह में सहयोग प्राप्त करने के लिए बेटी की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच में होना चाहिए।
33- जिन सदस्यों की बेटियों की उम्र 10 वर्ष से कम है जब उनकी बेटियां 10 वर्ष की हो जाएं तब वह सभी लोग अपनी बेटियों का नाम अपनी आईडी में अवश्य जोड़ें।
34- आने वाले भविष्य में सदस्यों की संख्या अत्यधिक होने पर सदस्यों को सहयोग करने के लिए पूल सिस्टम या जिला वार या तहसील स्तर पर विभाजित किया जा सकता है।
35- कन्या सुमंगल विवाह योजना के अंतर्गत सहयोग प्राप्त करने के लिए आवश्यक कागजात – –
- A – शादी का कार्ड
- B – सदस्य का आधार कार्ड
- C- सदस्य का पैन कार्ड
- D -सदस्य का बैंक अकाउंट डीटेल्स
- E- जिस खाता नंबर पर सहयोग चाहिए उसका दो ब्लैंक चेक सिग्नेचर किया हुआ।
- F – सदस्य के नाम का एक₹100 का स्टांप शपथ पत्र हेतु
- G – बेटी का आधार कार्ड
- H – यदि बैंक खाते का QR Code उपलब्ध हो तो उसे अवश्य दें।
- I- बेटी के मां का आधार कार्ड
36- किसी भी प्रकार के वाद- विवाद की स्थिति में कोर कमेटी का निर्णय ही सर्वमान्य होगा सदस्य किसी भी प्रकार का वाद या दवा प्रस्तुत नहीं कर सकता है।
37- कोर कमेटी को यह पूर्ण अधिकार रहेगा की समय व परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी नियमावली में परिवर्तन कर सकती है तथा नई नियमावलियां बना सकती है।जिस पर सदस्य द्वारा किसी भी प्रकार का वाद या कानूनी दायरा प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
आपका अनुज
सत्य प्रकाश कुशवाहा
संस्थापक
पब्लिक सेल्फ केयर टीम उत्तर प्रदेश।
मुख्य नियम - [3] दुर्घटना सहायता योजना
- दुर्घटना सहायता योजना की सुविधा पब्लिक सेल्फ केयर टीम के वैधानिक सदस्य को ही मिलेगी।
- दुर्घटना सहायता योजना का लॉकिंग पीरियड 15 दिन है। लॉकिंग पीरियड की गणना रजिस्ट्रेशन की तिथि से की जायेगी।
विशेष सूचना: दिनांक 16 दिसंबर 2024 से दुर्घटना सहायता योजना का लॉकिंग पीरियड -15 दिन किया जाता है। पहले इसमें लॉकिंग पीरियड 6 माह का था।
(लॉकिंग पीरियड परिवर्तनशील है) - यह लाभ उन्हें दिया जायेगा जिनके इलाज का खर्च 1 लाख रूपये से अधिक का होगा।
- यह लाभ स्थलीय निरिक्षण के बाद देय होगा। कोशिश की जायेगा कि राशि सीधा अस्पताल में जमा करा दी जाय।
- यह सुविधा सिर्फ दुर्घटना में ही मिलेगी। बीमारी आदि के इलाज पर देय नहीं है।
- यह लाभ प्राप्त करके लिए प्रति वर्ष व्यवस्था शुल्क जमा करना अनिवार्य है। केवल व्यवस्था शुल्क जमा करने वालों को ही देय है।
- इस व्यवस्था के लिए कुल व्यवस्था शुल्क की 30% राशि ही उपयोग की जाएगी।
- इलाज और उसकी गंभीरता को देखते हुए प्रति लाख खर्च पर तीन हजार से बीस हजार तक देय होगी। आने वाले समय में सदस्यों की संख्या बढ़ने पर राशि को बढ़ाया भी जायेगा।
- इस लाभ को तत्काल प्राप्त करने की व्यवस्था नहीं है। कोर टीम जांच पड़ताल करने बाद भुगतान करायेगी।
- इस सुविधा में अधिक्तम 20 हजार रुपया देय होगा। भविष्य में सदस्यों की संख्या तथा व्यवस्था शुल्क जमा करने वालों की संख्या बढ़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है।
- दुर्घटना सहायता योजना पब्लिक सेल्फ केयर टीम की तरफ से अपने सदस्यों के लिए सप्रेम भेंट है। किसी भी सदस्य का अधिकार नहीं है। इसमें सहायता, टीम के पास उपलब्ध धन पर निर्भर करेगी।
इसके अतिरिक्त, समिति / कोर टीम अपने सभी सदस्यों को व्यवस्था शुल्क से प्राप्त धनराशि से निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करेगी।
1) आप की सुविधा के लिए ऑफिस संचालन में।
2) तकनीकी मदद के लिए जो आप को टेक्निकल सपोर्ट करेगा।
3) वेबसाइट के निर्माण व संचालन में।
4) ऐप बनवाने एवं संचालन में।
5) पब्लिक सेल्फ केयर टीम से ज्यादा से ज्यादा लोगों के जोड़ने के अभियान में।
6) स्थलीय निरीक्षण कराने में।
7) नयी तकनीक के इस्तेमाल में ताकि प्रक्रिया पारदर्शी एवं आसान रहे।
8) वैधानिक सदस्यों को अन्य सुविधाएं प्रदान करने में।
9) समिति से सम्बंधित अन्य खर्चों में
मुख्य नियम - [4] गंभीर बीमारी में आर्थिक सहायता योजना
- 1-यह योजना PSCT के वैधानिक सदस्य के लिए मान्य होगा।
2-इस योजना का लॉकिंग पीरियड 1 वर्ष है।
3-यह सहयोग उन्हीं सदस्यों के लिए देय होगा जिन्होंने समस्त प्रकार के सहयोग अलर्ट पर सहयोग किया हो।
4-व्यक्ति का इस सहयोग योजना के पात्रता या अपात्रता के लिए अंतिम निर्णय कोर कमेटी का ही सर्वमान्य होगा। व्यक्ति किसी भी प्रकार का दावा प्रस्तुत नहीं कर सकता है।
5- यह योजना 1 जुलाई 2025 से लागू की गई है। सभी सदस्यों के लॉकिंग पीरियड की गणना इसी तिथि से की जाएगी।
6-इस सहयोग योजना में कितने रुपए का सहयोग सदस्यों से कराया जाएगा इसका निर्णय पोल वोट कराकर उसी समय लिया जाएगा।
7- इस योजना का सहयोग प्राप्त करने के लिए सदस्य को मेडिकल साक्ष्य प्रस्तुत करना पड़ेगा।
8- इस योजना में अधिकतम 5 लाख रुपए तक का सहयोग कराने का लक्ष्य रखा गया है।
9- सदस्य को व्यवस्था शुल्क का जमा करना अनिवार्य है। डिमांड के कम से कम 3 माह पहले जमा होना चाहिए।
10- भविष्य में समय और परिस्थित के अनुसार किसी भी नियमावली में परिवर्तन करने का अधिकार कोर कमेटी अपने पास सुरक्षित रखती है। जिसमें सदस्य या उसके परिवार द्वारा किसी भी प्रकार का दावा प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
पब्लिक सेल्फ केयर टीम के किसी भी पदाधिकारी के साथ अभद्रता, धमकाने या डराने की कोशिश यदि किसी सदस्य या उसके सम्बंधित द्वारा की गयी या समिति / टीम के बारे में गलत प्रचार किया गया तो सदस्य की सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी।
नियमावली व अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।
आप का अनुज
सत्य प्रकाश कुशवाहा
(संस्थापक एवं अध्यक्ष)
पब्लिक सेल्फ केयर समिति, उत्तर प्रदेश
